सावन आया अम्मा मेरी रंग भरा जी लिरिक्स

सावन आया अम्मा मेरी रंग भरा जी लिरिक्स

सावन आया अम्मा मेरी रंग भरा जी, ऐसी कोई आई है हरियाली तीज।
घर घर झूला झूलें कामिनी जी।। सावन आया..

वन वन मोर पपीहा बोलता जी, ऐजी कोई सावन गीत मल्हार।
कोयल कूकत अम्बुआ की डार पै जी।। सावन आया…

बादल गरजे, धमके बिजली जी, ऐजी कोई उठी है घटा घनगोर।
थर-थर हिवड़ा अम्मा मेरा कांपता जी।। सावन आया…

पांच सुपारी नारियल हाथ में जी, ऐजी कोई पंडित तो पूछन जाए।
कितने दिनों में आवें लश्करी जी।। सावन आया….

पतरा तो लेकर पंडित देखता जी, ऐजी कोई जितने पीपी के पात।
उतने दिनों में आवें लश्करी जी।। सावन..

इतने में कुण्डा अम्मा मोरी खड़कियां जी, ऐजी कोई घोड़ा तो हिनसा द्वार।
टग टग महलों आए लश्करी जी।। सावन..

घोड़ा तो बांधो बांदी घुड़साल में की, ऐजी कोई चाबुक रखियो संभाल।
पैर पखारूं उजले दूध में जी।। सावन…

हिलमिल सखियां झूला झूलती जी, ऐजी कोई हंस हस झोटे देय।
सावन आया अम्मा मेरी रंग भरा जी, ऐसी कोई आई है हरियाली तीज।

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